Tuesday, February 24, 2015

वास्तु दिशाए स्वामी ग्रह


दिशा
स्वामी ग्रह
देवता
पूर्व
सूर्य
इन्द्र
पश्चिम
शनि
वरुण
उत्तर
बुध
कुबेर
दक्षिण
मंगल
यम

उत्तर-पूर्व (ईशान)

गुरु
शिव
उत्तर-पश्चिम (वायव्य)
चन्द्र
वायु देवता
दक्षिण-पूर्व (आग्नेय )
शुक्र
अग्नि देवता
दक्षिण -पश्चिम (नेत्रत्य)
राहु-केतु
नेत्रत्य

वास्तु परिचय

           वास्तु एक विज्ञान है , हिन्दू ज्योतिष में वास्तु का बहुत महत्व बताया गया है। ज्योतिष शास्त्र के हिसाब से मानव जीवन और पर्यावरण में पंचतत्व का महत्व बताया गया है ये पांच तत्व जीवन के लिए अति आवश्यक है , इन्ही के संतुलन से जीवन , पृथ्वी , एवं सभी कुछ जीवंत है |

  1. पृथ्वी 
  2. जल 
  3. अग्नि 
  4. वायु
  5. आकाश